har mulaaqaat par vaqt ka takaaza hua,
har yaad pe dil ka dard taaza hua..
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ..
har mulaaqaat par vaqt ka takaaza hua,
har yaad pe dil ka dard taaza hua..
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ..
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी
Me miln atinu us duniyaa ch
jithe mil ke vichhdan da koi riwaaz na howe
ਮੈਂ ਮਿਲਣਾ ਤੈਨੂੰ ਉਸ ਦੁਨੀਆ ਚ,
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲ ਕੇ ਵਿਛੜਨ ਦਾ ਕੋਈ ਰਿਵਾਜ ਨਾ ਹੋਵੇ