
Akhiyaan de kol sda rahi sajjna Asi lakh vaari tak ke v nahi rajjna mukh na modhi saadha jor koi na saanu chhadd ke na jai saadha hor koi naa

बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯
Ohdi shooh thandi hawa vargi
Ohda bolna koi mithde shand varga🥰..!!
Ohda hassna gulab diyan pattiya jiwe
Ohda mukhda sohna sohne chand varga😍..!!
ਉਹਦੀ ਛੂਹ ਠੰਡੀ ਹਵਾ ਵਰਗੀ
ਉਹਦਾ ਬੋਲਣਾ ਕੋਈ ਮਿੱਠੜੇ ਛੰਦ ਵਰਗਾ🥰..!!
ਉਹਦਾ ਹੱਸਣਾ ਗੁਲਾਬ ਦੀਆਂ ਪੱਤੀਆਂ ਜਿਵੇਂ
ਉਹਦਾ ਮੁੱਖੜਾ ਸੋਹਣਾ ਸੋਹਣੇ ਚੰਦ ਵਰਗਾ😍..!!