
Akhiyaan de kol sda rahi sajjna Asi lakh vaari tak ke v nahi rajjna mukh na modhi saadha jor koi na saanu chhadd ke na jai saadha hor koi naa

Sanu khayal tera vi shooh jawe
Ta khid jawe loo loo mahiya..!!
Hune duniya de lakhan chahun vale
Sada ta ikko tu mahiya..!!
ਸਾਨੂੰ ਖ਼ਿਆਲ ਤੇਰਾ ਵੀ ਛੂਹ ਜਾਵੇ
ਤਾਂ ਖਿੜ ਜਾਵੇ ਲੂੰ ਲੂੰ ਮਾਹੀਆ..!!
ਹੋਣੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਲੱਖਾਂ ਚਾਹੁਣ ਵਾਲੇ
ਸਾਡਾ ਤਾਂ ਇੱਕੋ ਤੂੰ ਮਾਹੀਆ..!!
कभी उसकी यादें ठहर जाती हैं आकर, कभी टकराकर चली जाती हैं..
कभी गमों में डूबाये रखती हैं मुझे, कभी हंसाकर चली जाती हैं..
आज भी वो मेरे आस-पास है, कभी ये अहसास दिलाकर चली जाती है..
कभी एक झलक उसकी पाने को तरसूं, दिल जला कर चली जाती है..
उसका सपनों में आना-जाना यूं है जैसे, झपकी आकर चली जाती है..
मैं सुकून भरी नींद के इंतजार में होता हूं, सबको आकर चली जाती है..