
Akhiyaan de kol sda rahi sajjna Asi lakh vaari tak ke v nahi rajjna mukh na modhi saadha jor koi na saanu chhadd ke na jai saadha hor koi naa

तेरी हँसी की चमक
दिल को बहुत भाती है,
तू मेरी धडकनों में,
मेरे ख्वाबों में बसती है.
सेंटीमेंट आग से भी भयंकर।
आग जलाता है बाहर से, लेकिन वो रुलाता है अंदर।
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जिनको जल जाना होता है, उनको कौन रोकेगा।
ये आग नहीं, प्यार का अल्फा ओमेगा।
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जिंदगी नाव है, समय माझी।
बहता हु में, लहर की आवाज़ सुनोजी।
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लोग कहते है प्यार के साथ कविता जुड़े है।
प्यार जिंदगी का दूसरा नाम और जिंदगी कविता की रूप है।
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बहुत लोगों का प्यार टूट जाता है।
जीवन के साथ प्यार होता है समय का, यही प्रगति है।
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जिंदगी के मैदान में कितने सारे हीरो खेलते है।
लेकिन सिर्फ एक विजेता इतिहास लिखते है।
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खुद को समझाओ, किसी को समझाना मुश्किल।
समय अदालत है, और वक्त वकील।
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कोरोना घातक है, लेकिन दरिद्रता नियति।
रोग में मरे बहुत, अब भूख के अगन में आत्माहुति।
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रिश्ते लहर की तरह।
उठती है, गिरती है, टूटती हे धारा।
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घर में लक्ष्मी है तो सब कुछ है।
धन उनकी रूप और सम्पद उनकी रूह है।