Tumhe kya bataye is dil kaa haal
abhi to ham kud uljann me hai
“ਤੁਮਹੇਂ ਕਯਾ ਬਤਾਏ ਇਸ ਦਿਲ ਕਾ ਹਾਲ ਅਭੀ ਤੋਂ ਹਮ ਖ਼ੁਦ ਉਲਜਣ ਮੈਂ ਹੈ”
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।
Galtiyan te gunah Tere vi kujh ghatt nahi
Oh vakhri gall e bhute shikwe nahi krde asi..!!
ਗਲਤੀਆਂ ਤੇ ਗੁਨਾਹ ਤੇਰੇ ਵੀ ਕੁਝ ਘੱਟ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਵੱਖਰੀ ਗੱਲ ਏ ਬਹੁਤੇ ਸ਼ਿਕਵੇ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ ਅਸੀਂ..!!