दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
Enjoy Every Movement of life!
दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
बस आज़ की रात है
जी भरकर देख लो
यह आख़िरी मुलाक़ात है
जी भरकर देख लो
तुम्हारा शहर तो रास्ते में आ गया था
हमें तो किसी और मंज़िल की आस है
जी भरकर देख लो
अच्छा है तुमने हमारी कदर नहीं की
तुम वो जौहरी हो जिसे कौड़ियों की तलाश है
जी भरकर देख लो
मुझे कुछ भी कहना आसान था न
अब कुदरत की लाठी बेआवाज़ है
जी भरकर देख लो!!!

Eh nahi ke mainu rojh jga ke
meriyaan akhan ch oh har raat saundi howegi
yad tan ohnu v kde aundi howegi