दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
“Before you speak, listen. Before you write, think. Before you spend, earn. Before you invest, investigate. Before you criticize, wait. Before you pray, forgive. Before you quit, try. Before you retire, save. Before you die, give.”
सोचू तेरे बारे में तो इतना मैं मुस्कुराऊ,
सामने जब तू आए तो कभी नजरों को रोकू,
तो कभी दिल को समझाऊं,
नादान है ये दिल ज़रा की मानता ही नहीं है,
सब कुछ जानने के भी बाद भी,
ये कुछ जानता हि नहीं है,
कभी खुद को संभालू तो कभी खुद को समझाऊं,
क्यों हर दिन और मैं तेरे जैसा होता जाउ,
ख्याल तेरा जब भी आए,
न जाने क्यों मैं फिर सो ना पाउं,
कभी खुद को रोकू तो कभी दिल को समझाऊं !