दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
दिल के मेरे हजारों टुकड़े हो गये,
छोड़ा उसने ऐसे मोड़ पर,
जहां कोई नहीं था,
सबने मुंह मोड़ा उस वक्त पर।
है कोई हकीकत या कोई हसरत है
आखिर किसके खातिर रातों की ये इबादत है
हकीम की हैरानगी पर लोग दुआ क्यू करने लगे
पीर कहते है ये आसार ऐ मोहब्बत है
मृगजळाच्या जगात या कृष्ण सारथी तु
निर्जण वाळवटांतला पाण्याचा थेंब तु
मावळता सूर्य हा चंद्र प्रकाश तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु
भटकल्या जीवनाचा विसावा तु
माझ्या प्रत्येक प्रश्नाचे उत्तर तू
या सुदामाचा कृष्णा तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तू
या तळपत्या उन्हातील सावली तु
पडता गारवा जिवनाची ऊब तु
जगण्यास या जगात माझा श्वास तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु….
शब्द ~ पवन पाटील…