Enjoy Every Movement of life!
सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ
Maine rakhi hai faqat dil ki tasalli ke liye
Mursad, kya koi jurm hai tasveer tumhari rakhna❤️
मैने रखी है फ़क़त दिल की तस्सली के लिए
मुरशद, क्या कोई जुर्म है तस्वीर तुम्हारी रखना❤️
