
Ikalle rehan da shauk nahi || Punjabi shayari sad 2 lines was last modified: January 4th, 2020 by Pabla saab
सुख-दुख के अफसाने का
ये राज है सदा मुस्कुराने का
ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का
ना जानें क्यों एक अजीब सी डोर में बन्ध जाने का
इसमें होती नहीं हैं शर्तें
ये तो नाम है खुद एक शर्त में बन्ध जाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती दर्द नहीं रोने रुलाने का
ये तो अरमान है एक खुशी के आशियाने का
इसे काँटा ना समझना कोई
ये तो फूल है जिन्दगी की राहों को महकाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती नाम है दोस्तों में खुशियाँ बिखेर जाने का
आँखों के आँसूओं को नूर में बदल जाने का
ये तो अपनी ही तकदीर में लिखी होती है
धीरे-धीरे खुद अफसाना बन जाती है जमाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती नाम है कुछ खोकर भी सब कुछ पाने का
खुद रोकर भी अपने दोस्त को हँसाने का
इसमें प्यार भी है और तकरार भी
दोस्ती तो नाम है उस तकरार में भी अपने यार को मनाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
इस जीवन की राहों में, दर्द और खुशी की बातें, सपनों की रौशनी में, हम सबकी आस्था है।
सूरज की किरनों में, खुशियों का सफर है, मन की गहराइयों में, सपनों का नजरिया है।
चाँद की रातों में, ख्वाबों की धड़कन है, जीवन के उत्सव में, हर दिन का मौका है।
प्यार की बातों में, दिल की धड़कन होती है, खुशियों की मिठास में, जीवन का सौभाग्य है।
इस प्रेम और सौंदर्य का, हम सबको अभिवादन है, हिन्दी कविता के रूप में, ये शब्द हमारा सन्देश है।