Sawaal mera tha or jawaab uske haq aaya ….
jaana mein barbaad hu…
jab gunaah uska tha or ilzaam mere haq aaya…..💔
सवाल मेरा था और जवाब उसके हक आया….
जाना मैं बर्बाद हूँ…
जब गुनाह उसका था और इल्ज़ाम मेरे हक आया….💔
Sawaal mera tha or jawaab uske haq aaya ….
jaana mein barbaad hu…
jab gunaah uska tha or ilzaam mere haq aaya…..💔
सवाल मेरा था और जवाब उसके हक आया….
जाना मैं बर्बाद हूँ…
जब गुनाह उसका था और इल्ज़ाम मेरे हक आया….💔
बहुत बदल गया हूं मैं, अब और बदल नहीं पाउंगा..
काफी कर दी है देर तूने, अब तेरे साथ चल नहीं पाउंगा..
बहुत जला हूं प्यार में तेरे, बस अब और मैं जल नहीं पाऊंगा..
गर फिर से टूट गया जो दिल, तो अब संभल नहीं पाऊंगा..
पास रहकर तो अब मैं जी नहीं सकता, दूर चला मैं जाउंगा..
तू खुश रहना इन गलियों में अब, लौट के मैं ना आउंगा….
अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।