हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी
Mujhe apane jutoo me bhi rawani chahiye ,
Mujhe tum sab ke chehero par hairani chahiye,
Mai jawaan tha jawaan hi rahe gaya zindagi bhar
Ki ab mujhe apani bhudape me bhi jawani chahiye
मुझे अपने जूतों में भी रवानी चाहिए
मुझे तुम सभ के चेहरे पर हैरानी चाहिए
मैं जवान था जवान ही रह गया ज़िन्दगी भर
कि अब मुझे अपने बुढ़ापे में भी जवानी चाहिए…