kush to hone laga tere karn
ehsaas kush naya hai
ishq sa huaa hai
कुछ तो होने लगा तेरे कारण
एहसास कुछ नया है
इश्क सा हुआ है
kush to hone laga tere karn
ehsaas kush naya hai
ishq sa huaa hai
कुछ तो होने लगा तेरे कारण
एहसास कुछ नया है
इश्क सा हुआ है
je apni mehfila laa ke v
saadiyaa galla karniyaa
fer saade naal hi baith lyaa kar
ਜੇ ਆਪਣੀ ਮਹਫ਼ਿਲਾਂ ਲਾ ਕੇ ਵੀ
ਸਾਡੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰਨੀਆ
ਫੇਰ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਹੀ ਬੈਠ ਲਿਆ ਕਰ
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..