kush to hone laga tere karn
ehsaas kush naya hai
ishq sa huaa hai
कुछ तो होने लगा तेरे कारण
एहसास कुछ नया है
इश्क सा हुआ है
kush to hone laga tere karn
ehsaas kush naya hai
ishq sa huaa hai
कुछ तो होने लगा तेरे कारण
एहसास कुछ नया है
इश्क सा हुआ है
आज रूठा हुवा इक दोस्त बहुत याद आया
अच्छा गुज़रा हुवा कुछ वक़्त बहुत याद आया.
मेरी आँखों के हर इक अश्क पे रोने वाला
आज जब आँख यह रोई तू बहुत याद आया .
जो मेरे दर्द को सीने में छुपा लेता था
आज जब दर्द हुवा मुझ को बहुत याद आया .
जो मेरी आँख में काजल की तारा रहता था
आज काजल जो लगाया तू बहुत याद आया .
जो मेरे दिल के था क़रीब फ़क़त उस को ही
आज जब दिल ने बुलाया तू बहुत याद आया
Sahir ye kaisi duniya hai
Charo taraf haye tauba ka shor hai
Yaha muzrim ka ata pta nhi
Par badnaam koi aur hai..
“साहिर ये कैसी दुनिया है
चारों तरफ हाय तौबा का शोर हैं
यहां मुजरिम का अता पता नहीं
पर बदनाम कोई और है!!”