Ishq Vich Bhijna….
Koyi Khel Nahi Hunda,
Bina Bhijeya Rooha Da….
Mel Nahi Hunda,
Mel Ho Je Ta,
Eh Juda Nahi Hunda,
Ishq Rab Hai….
Ishq Da Koi Khuda Nahi Hunda
Ishq Vich Bhijna….
Koyi Khel Nahi Hunda,
Bina Bhijeya Rooha Da….
Mel Nahi Hunda,
Mel Ho Je Ta,
Eh Juda Nahi Hunda,
Ishq Rab Hai….
Ishq Da Koi Khuda Nahi Hunda
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Abhi to rat shuru hui hai
Itni jaldi hame kaha sona hai🙃
Abhi to yad karna hai kisi ko
Abhi to ji bhar ke rona hai💔
अभी तो रात शुरू हुई है
इतनी जल्दी हमें कहाँ सोना है🙃
अभी तो याद करना है किसी को
अभी तो जी भर के रोना है💔