इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही
Enjoy Every Movement of life!
इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही

मेरी किस्मत के हीरों का तुम एक ताज
बन जाओ
कल की बात छोडो तुम मेरा आज बन
जाओ
मैं तो रोज करता हूं, मोहब्बत डूब कर
तुमसे
अब मेरी इक बात मानो बस, तुम मेरे
हमराज़ बन जाओ