इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही
Enjoy Every Movement of life!
इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही
Zaroori nahi pyaar kol reh ke hi hunda hai
kai vaar door reh ke v rishte rooh to nibhaye jande ne
ਜਰੂਰੀ ਨਹੀਂ ਪਿਆਰ ਕੋਲ ਰਹਿ ਕੇ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
ਕਯੀ ਵਾਰ ਦੂਰ ਰਹਿ ਕੇ ਵੀ ਰਿਸ਼ਤੇ ਰੂਹ ਤੋਂ ਨਿਭਾਏ ਜਾਂਦੇ ਨੇ🔐
harman
ख़ामोश रहता हूं, जीने की कोई आस नहीं मिलती... पहले बात कुछ और थी, अब वो सुकून की सांस नहीं मिलती... मिलती थी पहले हर छोटी छोटी बातों पर, ढेर सारी खुशियां... अब इन अदाकार चेहरों में मुस्कुराहट भी, कुछ ख़ास नहीं मिलती....