इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही
Enjoy Every Movement of life!
इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही

याद उसकी आती हमें,
उसे खबर नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
वो नसीब में नहीं मगर।
याद उसको करते करते,
मर जायेंगे एक दिन यूंही,
बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए,
याद उसकी आती हमें,
उसे बता सकते नहीं मगर।