Dhadkate rahege tumahre dil ki gehraaio me din raat ham
jo kabhi khatam na ho wo ehsaas hai ham
धड़कते रहेंगे तुम्हारे दिल की गहराइयों में दिन रात हम…*💕💕
💕💕 *जो कभी खत्म न हो वो अहसास हैं हम…*💕💕
Dhadkate rahege tumahre dil ki gehraaio me din raat ham
jo kabhi khatam na ho wo ehsaas hai ham
धड़कते रहेंगे तुम्हारे दिल की गहराइयों में दिन रात हम…*💕💕
💕💕 *जो कभी खत्म न हो वो अहसास हैं हम…*💕💕
Ohde deedar ton vanjhe hon ton Dari naal
Ki fark peya ohnu teri akh bhari naal..!!
ਓਹਦੇ ਦੀਦਾਰ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਡਰੀ ਨਾਲ
ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪਿਆ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਭਰੀ ਨਾਲ..!!
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है