
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।
Enjoy Every Movement of life!

Haseen nazra de jaal vich fas gya e
Dila marna taan tera hun teh e..!!💘
ਹਸੀਨ ਨਜ਼ਰਾਂ ਦੇ ਜਾਲ ਵਿੱਚ ਫਸ ਗਿਆ ਏਂ
ਦਿਲਾ ਮਰਨਾ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਹੁਣ ਤਹਿ ਏ..!!💘
