
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।


Jad main teri tasveer vehndaaa
mera digeyaa hoyiaa dil tan jande khushi de maare khlo
par aakhiyaan paindeyiaan ne ro….
Vo teacher ki dant ,vo pani peene ka bhana…..
Apna lunch chod kar, dusro ka tiffin churana…..
Juth muth ka roothna, or dosto ka stana…….
Hamesha yaad rhega, school life ka yaarana…….❤️
वो टीचर की डांट, वो पानी पीने का बहाना…..
अपना लंच छोड़ कर, दूसरो का टिफिन चुराना…..
झूठ मूठ का रूठना, और दोस्तों का सताना……
हमेशा याद रहेगा, स्कूल का याराना……❤️