
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Tum julam karti raho
Ham seh lenge
Tumahre dil me rehne ki umar kaid ho jaye
ham reh lainge
तूम जुलम करती रहो
हम सह लेंगे,
तुम्हारे दिल में रहने की उम्र कैद हो जाऐ
हम रह लेंगे
ਦੂਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਪਰਖੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਅੱਖਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਤਾਂ ਸਾਰੇ ਹੀ ਵਫ਼ਾਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਨੇ ||💯
Duriya vich hi parkhe jande ne rishte akha shmne ta sare hi wafadar hunde ne ||💯