
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।


Haan ishq lazmi zaroor hoyia😇
Jad nashe ohde ch dil choor hoyia❤️
Rabbi shakti jeha oh noor hoyia🙇♀️
Jo rooh vich vasseya khuda ban ke😍..!!
ਹਾਂ ਇਸ਼ਕ ਲਾਜ਼ਮੀ ਜ਼ਰੂਰ ਹੋਇਆ😇
ਜਦ ਨਸ਼ੇ ਉਹਦੇ ‘ਚ ਦਿਲ ਚੂਰ ਹੋਇਆ❤️
ਰੱਬੀ ਸ਼ਕਤੀ ਜਿਹਾ ਉਹ ਨੂਰ ਹੋਇਆ🙇♀️
ਜੋ ਰੂਹ ਵਿੱਚ ਵੱਸਿਆ ਖੁਦਾ ਬਣ ਕੇ😍..!!