
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Gribi Rabb☝ ne diti Aa✍
Ae na teri👈 na 👉meri Aa
grib peda hoya kise di ni
je grib mara fer glti teri Aa..👌💯😏
ਗਰੀਬੀ ਰਬ ਨੇ ਦਿਤੀ ਆ
ਏ ਨਾ ਤੇਰੀ ਨਾ ਮੇਰੀ ਆ😏😊
ਗਰੀਬ ਪੈਦਾ ਹੋਯਾ ਕਿਸੇ ਦੀ ਨੀ
ਜੇ ਗਰੀਬ ਮਰਾ ਫੇਰ ਗਲਤੀ ਤੇਰੀ ਆ..✅💯
~~~~ Plbwala®️✓✓✓✓
