
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Iss jag ta hussan di koi thoad nhi
Apni #Maa nu na kitta bhulla batheo
Hussan ta char dinna da #Ghana aa
Apni #Maa nu na kitta bhulla batheo
Wo khud tumse kuch kahe tabhi kuch maanna zaruri nahi !
Wo tumse kuch na bhi kahe tab bhi sabkuch tum maan hi lena !
वो खुद तुमसे कुछ कहे तभी कुछ मानना ज़रूरी नहीं
वो तुमसे कुछ न भी कहे तब भी सब कुछ तुम मान ही लेना..