
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Tenu kar ke dukhi e masum
Chehra mera dass kithe khilna e..!!
Mein tenu je thukraya e
Pyar menu vi mera na milna e💔..!!
ਤੈਨੂੰ ਕਰ ਕੇ ਦੁਖੀ ਏ ਮਾਸੂਮ
ਚਿਹਰਾ ਮੇਰਾ ਦੱਸ ਕਿੱਥੇ ਖਿਲਣਾ ਏ..!!
ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਜੇ ਠੁਕਰਾਇਆ ਏ
ਪਿਆਰ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਮੇਰਾ ਨਾ ਮਿਲਣਾ ਏ💔..!!
पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ,
हरा भरा जीवन बनाओ।
छाया ये हमको देते है,
फल ये हमको देते है।
बाढ़ से हमको बचाते है,
प्रदुषण दूर हटाते हैं,
हम भी पेड़ लगाएंगे,
संसार को हरा भरा बनाएंगे।