
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Tujse ishq karne ki chahat humein, aajse nhi hai..😍
Mohobbat jitni tujhse hai humein, utni kaam kaaj se nhi hai..🙌
Tera chillana meri zindagi mein, kam kisi saaz se nhi hai..😇
Nafrat Teri khamoshi se hai humein, aawaz se nhi hai..😘
Tujse ishq karne ki chahat humein, aajse nhi hai..❤️
तुझसे इश्क करने की चाहत हमें, आज से नहीं है..😍
मोहब्बत जितनी तुझसे है हमें, उतनी काम काज से नहीं है..🙌
तेरा चिल्लाना मेरी जिंदगी में, कम किसी साज से नहीं है..😇
नफ़रत तेरी खामोशी से है हमें, आवाज़ से नहीं है..😘
तुझसे इश्क करने की चाहत, हमें आज से नहीं है..❤️
