
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला🍂
Tu sabub lagda e jo sab rabb lagda e
Eh teriyan dittiyan nishaniyan ne..!!
Bull hassna sikhe asi jiona sikhe
Tere ishq diyan meharbaniyan ne..!!
ਤੂੰ ਸਬੱਬ ਲੱਗਦਾ ਏ ਜੋ ਸਭ ਰੱਬ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਇਹ ਤੇਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਨਿਸ਼ਾਨੀਆਂ ਨੇ..!!
ਬੁੱਲ੍ਹ ਹੱਸਣਾ ਸਿੱਖੇ ਅਸੀਂ ਜਿਓਣਾ ਸਿੱਖੇ
ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦੀਆਂ ਮਿਹਰਬਾਨੀਆਂ ਨੇ..!!