
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

ज़िन्दगी के सफ़र में
मुसाफिर चलता गया
जैसा रब ने चाहा
वैसा सफर कटता गया
मुसाफिर आगे बढ़ते रहे
और मंज़िल का रास्ता घटता गया💯
ये रिश्ता है हंसी मजाक का,
हंसी वाली मुस्कान और गम वाले आंसू का,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाने का,
और फिर खुद ही मान जाने का,
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!
बहन वो जो हर आंसू छुपा दे भाई की खुशी के लिए,
और भाई वो जो हर हद पार कर दे बहन की खुशी के लिए,
बहन वो जो है राखी पर अपने प्यार को,
धागे में संजोकर भाई की कलाई पर बांध दें,
और भाई वो जो बहन की तकलीफ को,
देखकर दुनिया का हर बंधन तोड़ दे…!!
यह रिश्ता है चिड़ने का और चिड़ाने का,
शरारतों के पिटारो का,
कहीं और अनकही बातों का,
यह रिश्ता है बचपन की यादों का,
यह रिश्ता है प्यार की बगिया में विश्वास के फूल का…!!
जिसकी पंखुड़ी हर आंसू पी जाती है,
जिसको देखकर चेहरे पर सिर्फ खुशी रह जाती है,
जिसकी खुशबू जहन में और जिसकी तस्वीर यादों में,
हमेशा के लिए कैद हो जाती है,
यह रिश्ता है एक भाई का उसकी बहन से,
रिश्ता है मेरी राखी का तेरी कलाई से,
यह रिश्ता है भाई दूज के तिलक से,
रिश्ता है भाई और बहन का…!!
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!