
लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं।
यह चांद बुझा-बुझा सा लग रहा है
पास से न तो दूर से ही सही ।।
दु:ख तो बहुत मुझे तेरे दर्द का
अपना ना तो पराया ही सही ।
काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ मोड़ पाता
पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

Bhut pyar aata hai tumpar
Jab tum gusse mein hoti ho
Aur kehti ho tumhari jo marzi ho karo 😘
बहुत प्यार आता है तुम पर ॥
जब तुम गुस्से में होती हो ॥
और कहती हो तुम्हारी जो मरजी हो करो॥😘
Khayalat badalne lage hain jinme
Mehaz un rangon mein dhal rahi hai..!!
Ishq hone laga hai dard se bhi
Kuch zindagi esi chal rahi hai..!!
ख़यालात बदलने लगे हैं जिनमे
महज़ उन रंगों में ढल रही है..!!
इश्क होने लगा है दर्द से भी
कुछ ज़िन्दगी ऐसी चल रही है..!!