घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
- – Vishakt ki Kalam se
Enjoy Every Movement of life!
घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
Kuj varke berang kitaba de
rukh mod lye hun khuaba ne
mud dil hun kite laiye na
nhi painde mul jazbaata de 😔💔
ਕੁਝ ਵਰਕੇ ਬੇਰੰਗ ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੇ
ਰੁੱਖ ਮੋੜ ਲਏ ਹੁਣ ਖੁਆਬਾਂ ਨੇ
ਮੁੜ ਦਿਲ ਹੁਣ ਕਿਤੇ ਲਾਈਏ ਨਾ
ਨਹੀਂ ਪੈਂਦੇ ਮੁੱਲ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦੇ 😔💔
रोक ले जो हौसले मेरे, मेरी कोशिशें इतनी कम नहीं है, छोड़ दूं अपनी मंज़िल डर से तेरे, ए हवा तुझमें अभी इतना दम नहीं है, टकरा ले मुझसे गर हिम्मत है तो, मैं औरों सा नहीं, किसी से कम नहीं...