घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
- – Vishakt ki Kalam se
Enjoy Every Movement of life!
घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
सुना हैं दिल टूटने की आवाज नही आती
पीछे छूटे हुए रिश्तो की याद नही आती
समेट के रखना पड़ता हैं नाजुक चीजो को
कच्चे धागों के टूटने की आवाज नहीं आती
As we grow older we don’t lose friends,
we just learn who the real ones are.