घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
- – Vishakt ki Kalam se
Enjoy Every Movement of life!
घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
Bekadar aise de ladh na laggiye
Jihde dil da kothra pleet howe..!!
“Roop” dil dayiye taa othe dayiye
Jithe pyar nibhawan di reet howe..!!
ਬੇਕਦਰ ਐਸੇ ਦੇ ਲੜ੍ਹ ਨਾ ਲੱਗੀਏ
ਜਿਹਦੇ ਦਿਲ ਦਾ ਕੋਠੜਾ ਪਲੀਤ ਹੋਵੇ..!!
“ਰੂਪ” ਦਿਲ ਦਈਏ ਤਾਂ ਉੱਥੇ ਦਈਏ
ਜਿੱਥੇ ਪਿਆਰ ਨਿਭਾਵਣ ਦੀ ਰੀਤ ਹੋਵੇ..!!