घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
- – Vishakt ki Kalam se
Enjoy Every Movement of life!
घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
Na koi manjil bachi hai ,
na koi Sahara bacha hai
Is matlabi duniya mai ,
ab kon hamara bacha hai..??🙃💔
न कोई मन्ज़िल बची है
न कोई सहारा बचा है
इस मतलबी दुनिया में
अब कौन हमारा बचा है..??🙃💔
Khamoshiyan hi thik hain
Lafzo se log rooth jate hain 💯
खामोशियाँ ही बेहतर हैं
लफ़्ज़ों से लोग रूठ जाते हैं💯