घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
- – Vishakt ki Kalam se
Enjoy Every Movement of life!
घूँट भर ख़्वाहिश नहीं है
मैं समंदर चाहता हूँ
लूट लो तुम ये हवाएँ
मैं बवंडर चाहता हूँ
Na kiya kar mujhse shikayat aye zindagi,
Ek tu hi to hai Jo mujhe apni lagti hai🙃…..!!!
न किया कर मुझसे शिकायत ए ज़िन्दगी
एक तू ही तो है जो मुझे अपनी लगती ह🙃ै…..!!!
