ये न जाने मुझे क्या नज़र आ रहा है,
चेहरा तो है वही मगर किरदार बदला जा रहा है!🥀
Enjoy Every Movement of life!
ये न जाने मुझे क्या नज़र आ रहा है,
चेहरा तो है वही मगर किरदार बदला जा रहा है!🥀
कोई बुतखाने में तो कोई महखाने में सच्चे होते है….
लोग वो है जो जबान के पक्के होते है….
वो महीने भर से भूखी है, खुदा पाने के लिए,
हमारे लिए जिसके पांव के बिच्छु ही मक्के होते है….
मुक्कमल हो इश्क तो बिस्तर पर खत्म हो जाता है,
इसलिए इश्क, रास्ते और किस्से अधूरे ही अच्छे होते है….
हर्ष✍️
