किसी मीठी सी हवा ने जैसे, मेरे मन को छुआ है..
क्या कोई बीमार है ये? या किसी खास की दुआ है..
दिल बेचैन आजकल ना जाने किन ख्यालों में रहता है..?
समझ नहीं आ रहा आख़िर के, मेरे दिल को क्या हुआ है..?
किसी मीठी सी हवा ने जैसे, मेरे मन को छुआ है..
क्या कोई बीमार है ये? या किसी खास की दुआ है..
दिल बेचैन आजकल ना जाने किन ख्यालों में रहता है..?
समझ नहीं आ रहा आख़िर के, मेरे दिल को क्या हुआ है..?
Haal-e-mohabbat ko dekhte huwe iss daur se faraar chahta,
Soorat ko najar andaj kar main seerat se Talluqaat chahta hun.
Bewafai,behayai,behudagi, kya kya nahi hai iss jamane mein,
Inn sabse door jaa kar main bhi kisi se wafayen pyaar chahta hun.🥰
हाल-ए-मोहब्बत को देखते हुवे इस दौर से फरार चाहता हूं,
सूरत को नजर अंदाज कर मैं सीरत से ताल्लुकात चाहता हूं।
बेवफाई,बेहयाई,बेहूदगी,क्या क्या नही है इस जमाने में,
इन सबसे दूर जाकर मैं भी किसी से वफाएं प्यार चाहता हूं ।।🥰
kinne hi chehre hunde duniyaa te
par aunda raas koi koi
khaaba ton khyaala taai tera hi khaab e
marne ton pehla hou jehdhaa jubaa ute tera hi naam e
ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਚਿਹਰੇ ਹੁੰਦੇ ਦੁਨੀਆਂ ਤੇ
ਪਰ ਆਉਂਦਾ ਰਾਸ ਕੋਈ ਕੋਈ
ਖਾਬਾਂ ਤੋਂ ਖਿਆਲਾ ਤਾਂਈ ਤੇਰਾ ਹੀ ਖ਼ਾਬ ਏ
ਮਰਨੇ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੋਊ ਜਿਹੜਾ ਜ਼ੁਬਾਂ ਉੱਤੇ ਤੇਰਾ ਹੀ ਨਾਮ ਏ