Enjoy Every Movement of life!
तेरी हंसी मुरझाऐ फुलों को भी फिर से खिला दे,
जब झपकाऐ तु पलकें तो ,सुरज को भी ग्रहण लगा दे,
चाल तेरी ऐसी जैसे लहराती हो पीपल की डाल कोई,
और जब खुली हों तेरी जुल्फें तो काली घटा झा जाऐ!
बोल तेरे ऐसे जैसे जलेबी से चासनी टपक जाऐ,
क्या लिखुं तेरी खुबसुरती को तु है गणित का सवाल कोई!
Ohh v din c ge sajna
jaddon tu saara saara din gallan karda c naal mere,
Bss ohh din he c ge…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ..✍🏻
