Kithe jaake maafi mangega || sad shayari was last modified: May 19th, 2024 by Sukh Pardeshi
Enjoy Every Movement of life!
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Mooh cho nikle bol kde v mud de nhi hunde
Dil to utre lok dubara jud de nhi hunde💯..!!
ਮੂੰਹ ਚੋਂ ਨਿਕਲੇ ਬੋਲ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁੜਦੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ
ਦਿਲ ਤੋਂ ਉੱਤਰੇ ਲੋਕ ਦੁਬਾਰਾ ਜੁੜਦੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ💯..!!
