कितने हैं चाहने वाले अब ये देखना है कि,
मेरे यहां से जाने के बाद कौन रोता है।
Enjoy Every Movement of life!
कितने हैं चाहने वाले अब ये देखना है कि,
मेरे यहां से जाने के बाद कौन रोता है।
तुझे देखने की ख्वाहिश ले के घर से तो निकल पड़ता हूँ…
यही सोच के कि तू आज मिलेगी जरूर…
पर इस दिल को क्या पता है… कि तू उसे भूल चुकी हैं…
यूँ तो तेरा हर बार का मुस्कुराना इन
हवाओं और फिज़ाओ में बसा हैं…
ये हवा जब भी तुझे छूकर गुजरती है…
ना चाहते हुए भी तू याद आ ही जाती है।

