Koi ni apna yha
Sb mtlb da sathi ha
Kisa na hl tk ni pucha
Kisi hor cheez di ta umeed hi chad do*
Koi ni apna yha
Sb mtlb da sathi ha
Kisa na hl tk ni pucha
Kisi hor cheez di ta umeed hi chad do*
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Me keha ohnu
tainu me rabb manna
khorre ohnu kyu
jhooth lagan meriyaa gallan
ਮੈ ਕਿਹਾ ਉਹਨੂੰ
ਤੈਨੂੰ ਮੈਂ ਰੱਬ ਮਨਾ
ਖੌਰੇ ਉਹਨੂੰ ਕਿਉ
ਝੂਠ ਲੱਗਣ ਮੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ..
gumnaam ✍🏼✍🏼