Eh sansaar naal ohde
Koi dasse ohnu ja ke
Kinna pyar naal ohde..!!
Hai tan bilkul oh chann di tarah
noor v aina, magroor v aina
te mere ton door v aina
ਹੈ ਤਾਂ ਬਿਲਕੁਲ ਉਹ ਚੰਨ ਦੀ ਤਰਾਂ
ਨੂਰ ਵੀ ਐਨਾ, ਮਗਰੂਰ ਵੀ ਐਨਾ
ਤੇ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਵੀ ਐਨਾ
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”