Eh sansaar naal ohde
Koi dasse ohnu ja ke
Kinna pyar naal ohde..!!
Meri mehfilo ki chahat, mujhe itna door le aayi hai..
Ke mehfilein talash karne mein, apno se dooriyan badh aayi hain..
Ab na apne hain na mehfilein, bas mein aur meri tanhaai hai..
Ab jate huye vapis dar lagta hai, ek taraf kua aur ek tarf khaayi hai…
मेरी मैहफिलों की चाहत, मुझे इतना दूर ले आई है..
कि मैहफिलें तलाश करने में, अपनों से दूरियां बढ़ आई हैं..
अब ना अपने हैं ना मैहफिलें, बस मैं और मेरी तनहाई है..
अब जाते हुए वापस डर लगता है, एक तरफ कुआं और एक तराफ खाई है….
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..