luk ship ke gunaah hunde ne
mohobat nahi
ਲੁੱਕ ਛਿਪ ਕੇ ਗੁਨਾਹ ਹੁੰਦੇ ਨੇ,
ਮਹੋਬਤ ਨਹੀਂ।❤️💯
Enjoy Every Movement of life!
luk ship ke gunaah hunde ne
mohobat nahi
ਲੁੱਕ ਛਿਪ ਕੇ ਗੁਨਾਹ ਹੁੰਦੇ ਨੇ,
ਮਹੋਬਤ ਨਹੀਂ।❤️💯
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।