Enjoy Every Movement of life!
कितना हारा होगा हमारा दिल
जब किसे ने सवारा होगा तुम्हारा दिल
टुकड़े इतने की गिन नही पाओ गी
टाके इतने की सिल नही पाओ गी
मेरी इस हालत पे भी मुंह मोड़ लिया
क्या प्थर हो गया है तुम्हारा दिल
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
