तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता
Enjoy Every Movement of life!
तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता
Saadhe vichale sirf do gallan di doori c
tu samajh na saki
khore me smjha na sakeya
ਸਾਡੇ ਵਿਚਾਲੇ ਸਿਰਫ ਦੋ ਗੱਲਾਂ ਦੀ ਦੂਰੀ ਸੀ
ਤੂੰ ਸਮਝ ਨਾ ਸਕੀ
ਖੋਰੇ ਮੈਂ ਸਮਝਾ ਨਾ ਸਕਿਆ
