मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
Enjoy Every Movement of life!
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
Kuch lamho me waqt simat sa jata hai….
vo lamhe sukoon ban jaate hai….
fr kyu jb vo sukoon door hojata hai toh ye waqt guzarne ka naam nhi leta. …
कुछ लम्हों में वक़्त सिमट सा जाता है
वो लम्हे सुकून बन जाते हैं
फिर क्यों जब वो सुकून दूर हो जाता है तो ये वक़्त गुज़रने का नाम नहीं लेता…
