मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
Ek Muddat se ujadte hi chale aaye Hain
Ek Lamhe mein kahan hamen Savar jana hai
Jis tarah din Kate Raat bhi gaya hathon se
Is tarah humne bhi kisi sham Gujar jana hai💯
एक मुद्दत से उजड़ते ही चले आये हैं
एक लम्हे में कहाँ हमें सवर जाना है
जिस तरह दिन कटे रात भी गया हाथों से
इस तरह हमने भी किसी शाम गुज़र जाना है💯