मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
Enjoy Every Movement of life!
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…

Jinna dina ‘ch me apne aap nu khushnasib samajhda c
ajh ohi dina de ujale
meri zindagi de hanereyaan de kaaran bane
ਜਿੰਨਾ ਦਿਨਾਂ ‘ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਮੰਨਦਾ ਸੀ
ਅੱਜ ਓਹੀ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਉਜਾਲੇ
ਮੇਰੀ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਹਨੇਰਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਣੇ