मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
Na hath thaam sake Na pakad sake daman
Behad hi kareeb se guzar kar bichad gya koi 💔
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन,
बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई.💔
socha tha kee khuda ke siva mujhe koi barbaad kar nahi sakata,
phir unaki mohabbat ne mere saare vaham tod die……
सोचा था की ख़ुदा के सिवा मुझे कोई बर्बाद कर नही सकता,
फिर उनकी मोहब्बत ने मेरे सारे वहम तोड़ दिए…