मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
Enjoy Every Movement of life!
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…
तेरे नाल महोब्बत हैं हमें,
तेरे संग रहना हैं हमें,
जब तू हो सामने ये दिल धड़कता है,
जब हो तू दूर तड़पाता है हमें
ना जाने क्या हो गया आंखों हि आंखों में
सायद इसे इज़हार कैहते हैं
देखो ना दो दिनों से निंद नहीं आ रही मुझे
सायद इसे हि प्यार कैहते।