मोहब्बत नही तो मोहब्बत को इंकार करो,
मैंने कब कहा की तुम भी मुझ पर ऐतबार करो,
खुदा की कसम नही देखेंगे तुम्हे कभी पलट कर जिंदगी भर,
मैंने कब कहा की तुम पीछे से मुझ पर वार करो
मोहब्बत नही तो मोहब्बत को इंकार करो,
मैंने कब कहा की तुम भी मुझ पर ऐतबार करो,
खुदा की कसम नही देखेंगे तुम्हे कभी पलट कर जिंदगी भर,
मैंने कब कहा की तुम पीछे से मुझ पर वार करो
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।
Nazare khushi de vi laye ne 😇har dukh vi sahe ne☺️
Tere ishqe de 👉sajjna asi rang maane😍..!!
Kis hadd takk tere naal mohobbat e hoyi😘
Mera dil Jane 💖ja mera rabb Jane🤗..!!
ਨਜ਼ਾਰੇ ਖੁਸ਼ੀ ਦੇ ਵੀ ਲਏ ਨੇ😇 ਹਰ ਦੁੱਖ ਵੀ ਸਹੇ ਨੇ☺️
ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕੇ ਦੇ 👉ਸੱਜਣਾ ਅਸੀਂ ਰੰਗ ਮਾਣੇ😍..!!
ਕਿਸ ਹੱਦ ਤੱਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਏ ਹੋਈ 😘
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਜਾਣੇ💖 ਜਾਂ ਮੇਰਾ ਰੱਬ ਜਾਣੇ🤗..!!