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Money can buy something || Money English Quotes

“Money can buy some things to create happiness, but it can never buy happiness.” –  Tarun Choudhary

Title: Money can buy something || Money English Quotes

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jis ne shayar bna dita || sad and love shayari punjabi

satt dil te dungi vajji
jis ne shayar bna dita
kalam chakkni nahi si
par lokaa de dikhawe ne kalm chakan te majboor bna dita
lokaa de kadhwe bol hanju ban vehnde gaye
mainu likhna nahi c aunda ohnaa ne likhna laa dita
satt dil te dungi vajji
jis ne shayar bna dita

ਸੱਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਵਜੀ
ਜਿਸ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ
ਕਲਮ ਚਕਣੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਪਰ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦਿਖਾਵੇ ਨੇ ਕਲਮ ਚਕਣ ਤੇ ਮਜਬੂਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ
ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕੜਵੇ ਬੋਲ ਹੰਜੂ ਬਣ ਵਹਿੰਦੇ ਗਏ
ਮੈਨੂੰ ਲਿਖਣਾ ਨਹੀ ਸੀ ਆਉਂਦਾ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਲਿਖ਼ਣ ਲਾ ਦਿੱਤਾ
ਸੱਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਵਜੀ
ਜਿਸ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ… Gumnaam ✍🏼✍🏼

Title: Jis ne shayar bna dita || sad and love shayari punjabi


Phoolo ne kabhi || Shayari

फूलों ने कभी तोड़ने का दर्द कहा है,
कांटों ने ही हमेशा दुश्मनी निभाई है;
मोहब्बत भी फना का ही एक और नाम है,
यह रूसवा तो​ हुई है, पर इसने हमेशा वफादारी निभाई है।

ऐ चांद तेरे आने का सबब सबको मालूम नहीं,
कुछ लोग दिया जलाते हैं, और कुछ दिल जलाते हैं;
या वो अच्छी हैं या बुरी, हसरतें तो अपनी हैं,
मगर लोग अक्सर दाग तुझ पर लगाते हैं।

ऐ मेरे दोस्त तू समन्दर बन जा,
क्या खोया क्या पाया इसकी चाहत न कर;
तेरे अंदर ही एक मुकम्मल जहां है,
तू बाहर से किसी और की आस न कर।

मुमकिन है कि मंजिलें मुझसे दूर बहुत हैं,
पर रास्ते पर चलना मेरी फितरत बन गयी है;
उजाले समेटने में कोई वाहवाही नहीं,
अन्धेरों में रोशनी करना मेरी आदत बन गयी है।

ऐसे चलो कि चल के फिर गिरना न पड़े,
इतना उठो कि उठ के फिर झुकना न पड़े;
लेकिन गिरना, उठना तेरे बस में नहीं ऐ दोस्त,
इसलिए उसका हाथ पकड़ के चलो कि फिर रोना न पड़े।

मां के हाथों की बरकत का अंदाजा इस से हो गया,
थी एक वक्त की रोटी हर रोज,
और तीस वर्ष तक गुजारा हो गया;
आज रोटी तो है हर वक्त की, लेकिन वो वक्त कहीं पर खो गया।

ऐ जिंदगी, ये तेरे सवाल की तारीफ नहीं,
यह मेरे जवाब का हुनर कि जिंदगी की उलझने सुलझती चली गयीं;
मैं तो बस अपने दिल की कह रहा था,
और कहानियां बनती चली गयीं।

न थी जिंदगी से शिकायत,
न वक्त से कुछ गिला था;
जो मुझको नहीं मिला,
वो खुद मेरा ही सिला था;
मदद-ओ-मशवरे कम नहीं थे मददगारों के,
पर अफसोस जो तकदीर ने दिया था वह दर्द ही मुझे मिला था।

ऐ वतन कर्ज तो तेरा मैं जब उतारूं, जब मेरे पास कुछ अपना भी हो; तेरी मिट्टी, तेरा पानी, तेरी हवा, तेरी धूप, तेरी छांव, तेरी रोटी और नाम तेरा, फिर भी बस एक कतरा ही बन पाउं तेरा, तो मैं समझूं और तुझको मैं अपना पुकारूं।

जिंदगी जीने का अंदाज तो आया मगर अफसोस,
वो मुकम्मल एहसास नहीं आया;
वो हुनर तो आया मगर,
ऐ बदनसीबी वो मुकाम कभी नहीं आया।

यूं गलतफहमियां पाला न करो,कभी आईने में खुद को निहारा भी करो; ये जो चेहरा है वो सब कुछ बयां कर देता है; कभी इसको जुबां पर उतारा भी करो।

आशुतोष श्रीवास्तव

Title: Phoolo ne kabhi || Shayari