Koshish To Hoti Hai Ki Teri Har Khwahish Poori Karun
Par Darr Lagta Hai Ki Tu Khwahish Mein Mujhse Judai Na Maang Le!
Koshish To Hoti Hai Ki Teri Har Khwahish Poori Karun
Par Darr Lagta Hai Ki Tu Khwahish Mein Mujhse Judai Na Maang Le!

Dukh dard taan mere mukadraan vich
me shikwa karke ki karda
tu pyaar di kashti dobh chali
me tar ke krda taan ki karda
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”