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Neend bechaini si katt ti rahi

नींद बेचैनी से कटती रही

ख्वाब कोहरे मे छुपती रही

तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही

तु मिला न कही मंज़िलों पे

मैं भटकती भटकती

तुझे ढूंढती रही

तेरा मेरा रिश्ता इन

काग़ज़ों पे खत्म हो गया

साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया

जैसे चार दिवारी में बंध सा गया 

तेरी बातों को मैं याद करता

तेरी हँसी को मैं याद करता

हमारे उन्ही हसीन पलो को

हररोज सजाया करता

Title: Neend bechaini si katt ti rahi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Ulte sidhe sapne || hindi shayari

उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं

इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं

बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं

धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं

साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं

आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं

Title: Ulte sidhe sapne || hindi shayari


ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,

फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,

एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी

हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,

मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।

Title: ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari