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Neend bechaini si katt ti rahi

नींद बेचैनी से कटती रही

ख्वाब कोहरे मे छुपती रही

तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही

तु मिला न कही मंज़िलों पे

मैं भटकती भटकती

तुझे ढूंढती रही

तेरा मेरा रिश्ता इन

काग़ज़ों पे खत्म हो गया

साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया

जैसे चार दिवारी में बंध सा गया 

तेरी बातों को मैं याद करता

तेरी हँसी को मैं याद करता

हमारे उन्ही हसीन पलो को

हररोज सजाया करता

Title: Neend bechaini si katt ti rahi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


udeek de parindeyaa nu || punjabi kavita

“ਉੱਜੜੇ ਘਰ ਭਾਲਦੇ ਫਿਰਨ ਬਸਿੰਦਿਆਂ ਨੂੰ
ਮੁੜੇ ਨਾ ਰੋਟੀ ਲੲੀ ਗੲੇ ਲਾ ਕੇ ਜਿੰਦਿਆਂ ਨੂੰ

ਗਰੀਬੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕਿੰਨੀ ਓਹਲੇ ਰੱਖ ਲੲੀ ਏ
ਸ਼ਰਮ ਨਾ ਆਂਦੀ ਖ਼ਬਰ ਦੇਸ਼ ਖੁਸ਼ਹਾਲ ਦਿੰਦਿਆ ਨੂੰ

ਖੂਨ ਸਿਹਾਈ ਨਾਲ ਤੂੰ ਮੁਹੱਬਤ ਨੂੰ ਚਿੱਠੀ ਲਿਖੀ
ਕੁਝ ਨਹੀ ਮਿਲਿਆ ਨਫ਼ਰਤ ਚ ਖੂਨ ਵਹਾਉਦਿਆਂ ਨੂੰ

ਹਵਾ ਧੁੱਪਾਂ ਵਰਖਾ ਦੇ ਚੱਲ ਟਿਕਾਨੇ ਲੱਭਦੇ ਆ
ਛੱਡਿਆ ਵੀ ਕਰ ਸਦਾ ਲੈਣ ਦੇਣ ਦੇ ਧਿੰਦਿਆ ਨੂੰ

ਮਰ ਕੇ ਕਬਰ ਕੁ ਜਿੰਨੀ ਤੇਰੇ ਹਿੱਸੇ ਥਾਂ ਆਂਉਣੀ
ਦੱਸੋ ਜਰਾ ਜਾਇਦਾਦ ਦੇ ਹੰਕਾਰ ਚ ਰਹਿੰਦਿਆਂ ਨੂੰ

ਖੋਲਦੇ ਪਿੰਜਰਾ ਜਾਲਮਾ ਉਡਾ ਦੇ ਪੰਛੀਆਂ ਨੂੰ
ਮਹਿਸੂਸ ਕੀਤਾ ਮੈਂ ਰੁੱਖ ਉਡੀਕ ਦੇ ਪਰਿੰਦਿਆਂ ਨੂੰ,

ਹਰਸ✍️

Title: udeek de parindeyaa nu || punjabi kavita


मुझे ना जगाना यारो || hindi poetry

मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…

Title: मुझे ना जगाना यारो || hindi poetry