Everyday is a bank account, and time is our currency. No one is rich, no one is poor, we’ve got 24 hours each.
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याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
Maa
Shabdaan vich kade byaan hundi ni sift maa di
thandi mithrri jannat jehi is gurri chhaa di
bacheyian de janam di peedha has ke jar jandi hai
vekh aayea bache nu paseena tadaf jandi hai
din raat sukhaan sukhdi te laadh ladaundi hai
shayed ese lai maa rabb da roop kahaundi hai
ਮਾਂ
ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਦੇ ਬਿਆਂ ਹੁੰਦੀ ਨੀਂ ਸਿਫਤ ਮਾਂ ਦੀ,
ਠੰਢੀ ਮਿੱਠੜੀ ਜੰਨਤ ਜਿਹੀ ਇਸ ਗੂੜ੍ਹੀ ਛਾਂ ਦੀ।
ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਜਨਮ ਦੀ ਪੀੜਾ ਹੱਸ ਕੇ ਜਰ ਜਾਂਦੀ ਹੈ,
ਵੇਖ ਆਇਆ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਪਸੀਨਾ ਤੜਫ਼ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
ਦਿਨ ਰਾਤ ਸੁੱਖਾਂ ਸੁਖਦੀ ਤੇ ਲਾਡ ਲਡਾਉਂਦੀ ਹੈ,
ਸ਼ਾਇਦ ਏਸੇ ਲਈ ਮਾਂ ਰੱਬ ਦਾ ਰੂਪ ਕਹਾਉਂਦੀ ਹੈ।