Uss waqt jaan nikal jaati hai…
jab pyar apna ho…
Aur zikar dusro ka kar raha ho
Uss waqt jaan nikal jaati hai…
jab pyar apna ho…
Aur zikar dusro ka kar raha ho
बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!