कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
Enjoy Every Movement of life!
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
kaise bhula doon us bhoolane vaale ko main,
maut insaanon ko aatee hai yaadon ko nahin..
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं,
मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं..