कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
Enjoy Every Movement of life!
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते हैं
सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैं
कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं यारों
दिशा को बदलो खुद-ब-खुद किनारे बदल जाते हैं
