कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
Enjoy Every Movement of life!
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से

Beshak me peenda aa bhawe e bhaerri sharaab
par teriyaan yaadan nu mitaon lai nahi
uhnu nu hor nikharan lai
मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...