कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
shuruaat si yaar sacha lageyaa
galla ton ohdi pyaar sachha lageyaa
hathaa ton usde jehar mitha asi peende rahe
kar v ki sakde si bina ohde sab bekaar jeha lageyaa
ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਸੀ ਯਾਰ ਸੱਚਾ ਲਗਿਆਂ
ਗਲਾਂ ਤੋਂ ਓਹਦੀ ਪਿਆਰ ਸੱਚਾ ਲਗਿਆਂ
ਹਥਾਂ ਤੋਂ ਓਸਦੇ ਜ਼ੈਹਰ ਮਿਠਾ ਅਸੀਂ ਪਿੰਦੇ ਰਹੇ
ਕਰ ਵੀ ਕੀ ਸਕਦੇ ਸੀ ਬਿਨਾਂ ਓਹਦੇ ਸਬ ਬੇਕਾਰ ਜਿਹਾਂ ਲਗਿਆਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा