कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
Enjoy Every Movement of life!
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
सुना है खूबसूरती की मरम्मत चल रही है,
आईने में देखी जो सूरत तुमसे जीत रही है,
चन्द फूल लगे तुम्हे बेहद संवरने में मगर,
उनकी खुशबू भी तुम्हारे हुस्न से महक रही है...
Kya haseen itefaq tha teri gali mein aane ka,
Kisi kaam se aaye the, kisi kaam ke nahi rahe…😊🥀
क्या हसीन इत्तेफ़ाक था तेरी गली में आने का,
किसी काम से आये थे, किसी काम के नहीं रहे…😊🥀