कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
Enjoy Every Movement of life!
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम
तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम
महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने
पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम
Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।