चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
meree sab koshishen naakaam thee unako manaane ki,
kahaan seekheen hai zaalim ne adaen rooth jaane ki.
मेरी सब कोशिशें नाकाम थी उनको मनाने कि,
कहाँ सीखीं है ज़ालिम ने अदाएं रूठ जाने कि.
सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap