चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
Eh kaliyan raatan de chann tare
Yaad sajjna di hi dilaunde ne..!!
Sanu ishq de maare jhalleya nu
Dukh birha vale staunde ne..!!
ਇਹ ਕਾਲੀਆਂ ਰਾਤਾਂ ਦੇ ਚੰਨ ਤਾਰੇ
ਯਾਦ ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਹੀ ਦਿਲਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
ਸਾਨੂੰ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਮਾਰੇ ਝੱਲਿਆਂ ਨੂੰ
ਦੁੱਖ ਬਿਰਹਾ ਵਾਲੇ ਸਤਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
Didaar di talab howe taan nazraan tikaa ke rakhi
Kyuki “nakaab” howe ja “naseeb” sarakda jaroor aa
ਦੀਦਾਰ ਦੀ ਤਲਬ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖੀਂ,
ਕਿਉਂਕਿ “ਨਕਾਬ” ਹੋਵੇ ਜਾਂ “ਨਸੀਬ” ਸਰਕਦਾ ਜਰੂਰ ਆ.. ॥