चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
उसने मुझको खत लिखा था ,
खत में अपना मत लिखा था,
मैंने पूछा प्यार करेगी,
उसने केवल धत लिखा था,
जब मिलने की बात करी तो,
उत्तर में बस छत लिखा था,
बातों में उलझाव बहुत था,
नयनों में सहमत लिखा था।
Usne Mujhko khat likha tha,
Khat mein apna mat likha tha,
Meine pucha pyaar karegi,
Usne kebal dhat likha tha,
Jab milne ki baat kari toh ,
Usne kebal Chhat likha tha,
Baaton mein uljhaab bahut tha,
Nayano mein sehmat likha tha…
Milap tere naal jiwe rooh da rooh naal
Nedta tere naal jiwe hathan di shooh naal..!!
ਮਿਲਾਪ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਰੂਹ ਦਾ ਰੂਹ ਨਾਲ
ਨੇੜਤਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਹੱਥਾਂ ਦੀ ਛੂਹ ਨਾਲ..!!