
Lutt laye ne haase, me dewan dil nu dilase
eve laa baitha uche chubaryaan de naal
rowan me hun, beh k tareyian de naal

Lutt laye ne haase, me dewan dil nu dilase
eve laa baitha uche chubaryaan de naal
rowan me hun, beh k tareyian de naal
हवा बहती हुई यूं मदधम सी, गा रही है एक तराना..
मेरे यार का लाई है संदेश, जिसपे नहीं है पता ठिकाना..
उस खत में लिखे हैं शब्द दो ही, अब कैसे जाए पहचाना..
आए तुम्हे जब याद मेरी, तुम प्यार से मुझे बुलाना..
मैं आउंगी ये वादा है, चाहे रोके सारा जमाना..
क्या भूल गई वादा वो अपना, इस गम में है दिल दीवाना..
क्या मै करूँ, चाहता है दिल, करीब उसके अब चले जाना..
मैं रोक नहीं सकता अब उसको, मुश्किल है सब्र कराना..
मैने हवा से की फरियाद के वापस मुझे अपने साथ ले जाना..
मैं आऊं कहां, मेरे यार का पता पुछ के मुझे बताना..
उसकी झलक को हूं मैं तरस गया, बस एक बार दिखला ना..
टालने में वो माहिर है, पर तू करना ना कोई बहाना..
क्यूं नहीं मिलता वो मुझसे, उसे मिलके है पता लगाना..
मुझे जानना है, वो है कहां, उसे क्यूं नहीं है यहां आना..
उसे कहदे मैं न भूलूंगा, चाहे भूले सारा जमाना..
गर वो नहीं आ सकती तो उसे पड़ेगा मुझे बुलाना..
हवा भी हो गई परेशान, वो चाहे मुझे समझाना..
जहां यार मेरा, मैं जा नहीं सकता, है दूर देश अंजाना….
Nahi pata kinjh ijhhaar me
bulla te gal aundi aundi reh je
das kive byaan karaa me param
eh kamla dil kise da gulaa na hoyea
tera ho baitha
das kive ehnu azaad karaa
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿੰਝ ਇਜ਼ਹਾਰ ਮੈਂ
ਬੁੱਲਾਂ ਤੇ ਗੱਲ ਆਉਂਦੀ ਆਉਂਦੀ ਰਹਿ ਜੇ
ਦੱਸ ਕਿਵੇਂ ਬਿਆਨ ਕਰਾਂ ਮੈਂ param
ਇਹ ਕਮਲ਼ਾ ਦਿਲ ਕਿਸੇ ਦਾ ਗੁਲਾਮ ਨਾਂ ਹੋਇਆਂ
ਤੇਰਾ ਹੋ ਬੈਠਾ
ਦੱਸ ਕਿਵੇਂ ਇਹਨੂੰ ਆਜਾਦ ਕਰਾਂ