
Lutt laye ne haase, me dewan dil nu dilase
eve laa baitha uche chubaryaan de naal
rowan me hun, beh k tareyian de naal

Lutt laye ne haase, me dewan dil nu dilase
eve laa baitha uche chubaryaan de naal
rowan me hun, beh k tareyian de naal
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
Nasha pila ke girana to sbko aata hai
Maza to tb aaye jb girto ko tham le galib
नशा पिला के गिराना तो सबको आता है
मज़ा तो तब आये जब गिरतों को थाम ले गालिब