
Mainu aashq banayea tere pyar ne,
mainu likhna sikhayea tere pyar ne,
dhanwaad karaan, us rabb da
change kam utte laayea mere yaar ne,
#tera AAshq

Mainu aashq banayea tere pyar ne,
mainu likhna sikhayea tere pyar ne,
dhanwaad karaan, us rabb da
change kam utte laayea mere yaar ne,
#tera AAshq
Bas chlta hun apni raah mein,
Kuch manzil mila nahi karti..
Khamosh hun logo ki afwah se,
Duayein lafzon se gila nahi karti
Chal raha hun baste mein kaanto ko lekar
Jalti dhup paav ke chale sila nhi karti
Thoda ziddi hun is baat ka garoor hai
Kaise ruk jaun beech mein manzil abhi door hai…🙌
बस चलता हूं अपनी राह में,
कुछ मंज़िल मिला नहीं करती…
ख़ामोश हूं लोगो की अपवाह से,
दुआएं लफ़्ज़ों से गिला नहीं करती…
चल रहा हूं बस्ते में कांटों को लेकर,
जलती धूप पांव के छाले सिला नहीं करती…
थोड़ा ज़िद्दी हूं इस बात का गुरूर है,
कैसे रुक जाऊं बीच में मंज़िल अभी दूर है…🙌
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।