Akhan vich hanju v nahi te dilon asin khush v nahi
kahda hak jamaiye ve sajjna asin hun tere kuchh nahiਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਹੰਜੂ ਵੀ ਨਹੀ ਤੇ ਦਿਲੋ ਅਸੀ ਖੁਸ਼ ਵੀ ਨਹੀ
ਕਾਹਦਾ ਹੱਕ ਜਮਾਈਏ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਅਸੀ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀ
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
जिस मकां में जन्म बीता
वो मकां करता नमन
श्वेत कपड़े में लिपटकर शान से जो आ रहा है
पीछे उसके भ्रमर कोई मधुर धुन में गा रहा है
देख उस सपूत को ये जहां करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
उसने दुश्मन के आगे शान से सीना किया है
लौट आया वो धुरंधर उन्हे(दुश्मन) बदहाल जीना किया है
उनकी रूहें इस जमीं से आसमां पर जाएंगी
उनको देख ये खुदा गर्व से करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
शहीद(सैनिक)