
tu lakh de zakham rona assi v nahi
oh tere kol aa kadr kar sajjana
kyunki saari umar ta jeona assi v nahi

Bahut besabri se intezaar karte hain hum,
Tumhari ek jhalak ko bekaraar marte hain hum,
Khud ko ye kehkar dilasa de diya karte hain
ke tum chahe chale bhi jao
phir bhi Tumse hi beshumaar pyar karenge hum❤
बहुत बेसबरी से इंतज़ार करते हैं हम
तुम्हारी एक झलक को बेकरार मरते हैं हम
खुद को यह कह कर दिलासा दे दिया करते हैं
कि तुम चाहे चले भी जाओ
फिर भी तुमसे ही बेशुमार प्यार करेंगे हम❤
बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯