Tumhari Yaad Bhut Ati Hain
Apni Yadoo sa kaho
Tu Rukh Aaj Mein Jati hu
Tumhari Yaad Bhut Ati Hain
Apni Yadoo sa kaho
Tu Rukh Aaj Mein Jati hu
kuchh is tarah se vafa kee misaal deta hu,
savaal karata hai koee to taal deta hu,
usee se khaata hoon aksar phareb manjil ka,
main jisake paanv se kaanta nikaal deta hu…
कुछ इस तरह से वफ़ा की मिसाल देता हु,
सवाल करता है कोई तो टाल देता हु,
उसी से खाता हूँ अक्सर फरेब मंजिल का,
मैं जिसके पाँव से काँटा निकाल देता हु…
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|