“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
Tum bhi meri trah ye dard sehti ho kya😶
Tum ab bhi meri ankhon se behti ho kya🤨
Mein ab bas rab ki ibadat karta hu❤️
Tum bhi ab mujhe bewafa kehti ho kya😑
Ye adhi raat mein mere aansu kyu nikal aaye💔
Tum ab bhi mere dil mein rehti ho kya🙃
तुम भी मेरी तरहा ये दर्द सहती हो क्या😶
तुम अब भी मेरी आखों से बहती हो क्या🤨
मैं अब बस रब की इबादत करता हूं❤️
तुम भी अब मुझे बेवफा कहती हो क्या😑
ये आधी रात में मेरे आसूं क्यों निकल आए💔
तुम अब भी मेरे दिल में रहती हो क्या🙃