“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”

Mujhe tumse kuchh kehna tha
tere aankhon ke nashe me behna tha
tune tanha chhod diya hai mujhe
mujhe ta umar tere saath rehna tha
मुझे तुमसे कुछ कहना था,
तेरे आँखों के नशे में बहना था,
तुने तन्हा छोड़ दिया है मुझे,
मुझे ता-उम्र तेरे साथ रहना था
✍विक्रम