“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
ਸੁੱਕ ਗਏ ਰੁੱਖਾਂ ਦੇ ਪੱਤੇ
ਟੁੱਟ ਗਏ ਨੇ ਖ਼ੁਆਬ ਜੀ
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੂੰ ਰੁਹੋ ਮਾਰਿਆ
ਉਹ ਵੀ ਲੈਂਦੇ ਤੇਰੇ ਖ਼ੁਆਬ ਜੀ
ਇੱਕ ਤੇਰੀ ਮਹੁੱਬਤ ਕਰਕੇ
ਦਿਵਾਨੇ ਸੂਲ਼ੀ ਉੱਤੇ ਚੜ੍ਹ ਗਏ
ਦੋਲਤ ਵਾਹ ਕੀ ਨਾਂ ਤੇਰਾ
ਤੇਰੇ ਲਈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਆਪਣੀਆਂ ਤੋਂ ਲੱੜ ਮਰ ਗਏ
ਇੱਕ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਪਾਉਣ ਦੀ ਭੁੱਖ
ਮਿਟਦੀ ਨਾ ਤੈਨੂੰ ਪਾਕੇ ਬਈ
ਮੈਂ ਵੇਖ ਲਿਆ ਕਮਾਲ ਤੇਰਾ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ ਬਈ