“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”

Tainu chahunde chahunde
jakham zindgi nu lag gaye ne gujjhe
hanju peewan, peewan me nit chandri sharaab
pr tere deed di o pyaas na bujhe
Chahatein badhne lgi hain tumse milne ke baad,
Din kab gujra ye bhi nhi tha mujhko yaad,
Phir waqt ke namanzuri ne nhi smjhe mere jazbaat,
Kya pta tha vo shaam mein hui thi humari aakhrimulaqat…….
चाहतें बढ़ने लगी हैं तुमसे मिलने के बाद
दिन कब गुज़रा ये भी नही था मुझको याद,
फिर वक़्त के नामंजूरी ने नहीं समझे मेरे जज़्बात,
क्या पता था वो शाम में हुई थी हमारी आखरी मुलाकात…