“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
Kayal haan tere husan de
Unjh surtan van- suwanniyan ne..!!
Sanu jakdeya ehne ishq ch e
Sade pairi janzeeran banniyan ne..!!
ਕਾਇਲ ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਹੁਸਨ ਦੇ
ਉਂਝ ਸੂਰਤਾਂ ਵੰਨ-ਸੁਵੰਨੀਆਂ ਨੇ..!!
ਸਾਨੂੰ ਜਕੜਿਆ ਇਹਨੇ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਏ
ਸਾਡੇ ਪੈਰੀਂ ਜੰਜ਼ੀਰਾਂ ਬੰਨ੍ਹੀਆਂ ਨੇ..!!
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..