“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
Chand ko dekha hai mei ne gaur se
Mohobbat ko mahsoos kiya hai mei ne qareeb se
Ahsaas to bahut kuch huwa
Par pyar kya hota aaj woh bhi seekh gae aapse❤
चांद को देखा है मैने गौर से
मोहोब्बत को महसूस किया है मैने करीब से
एहसास तो बहुत कुछ हुआ
पर प्यार क्या होता आज वो भी सीख गए आपसे❤
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…