
Koi reham na samjhi..!!
Mein sach kaha yara mereya
Tu veham na samjhi..!!
Enjoy Every Movement of life!

तारीख हजार साल में बस इतनी सी बदली है,
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं।
ना उन्होंने हाल पूछा
ना हमसे बताया गया
एक झूठ था सच जैसा
सारी उमर हमे बताया गया
और जब मुकम्मल मार ना सके हमे वो
तब एक ठीक ठाक लड़के को पागल बताया गया….