Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Enjoy Every Movement of life!
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
Sirf ahsaas badl de aa dosta ,
Nhi ta nafrat te pyar ekko dil to honde ne ❤