Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी
Unjh udaasiyan ghereya e mukhde nu🙃
Khaure fikran ch kyu eh rehnda e🤔..!!
Je sajjna tenu soch lawa😍
Mera chehra hass jeha painda e😇..!!
ਉਂਝ ਉਦਾਸੀਆਂ ਘੇਰਿਆ ਏ ਮੁੱਖੜੇ ਨੂੰ🙃
ਖੌਰੇ ਫ਼ਿਕਰਾਂ ‘ਚ ਕਿਉਂ ਇਹ ਰਹਿੰਦਾ ਏ🤔..!!
ਜੇ ਸੱਜਣਾ ਤੈਨੂੰ ਸੋਚ ਲਵਾਂ😍
ਮੇਰਾ ਚਿਹਰਾ ਹੱਸ ਜਿਹਾ ਪੈਂਦਾ ਏ😇..!!