Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
न जाने कौन सी लड़ाई चल रही है किस्मत की मेरे साथ
की उसे मेरे साथ किसी का साथ रास नहीं आता
मे कितना भी साथ निभा लू किसी का पर मेरे कोई साथ नहीं आता ,
कैसे पाउ हल इस मसले का
मेरा मुकदमा लड़ने मेरा वकील भी तो नहीं आता ।
saanu taa pyaar de do lafaz v nahi naseeb
par badnaam iss tarah haa asi
jis tarah eh ishq saade toh hi shuru hoeyaa howe
ਸਾਨੂੰ ਤਾਂ ਪਿਆਰ ਦੇ ਦੋ ਲਫਜ਼ ਵੀ ਨਹੀਂ ਨਸੀਬ
ਪਰ ਬਦਨਾਮ ਇਸ ਤਰਾਂ ਹਾਂ ਅਸੀਂ
ਜਿਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਇਸ਼ਕ ਸਾਡੇ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਹੋਵੇ..!