Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
सोचू तेरे बारे में तो इतना मैं मुस्कुराऊ,
सामने जब तू आए तो कभी नजरों को रोकू,
तो कभी दिल को समझाऊं,
नादान है ये दिल ज़रा की मानता ही नहीं है,
सब कुछ जानने के भी बाद भी,
ये कुछ जानता हि नहीं है,
कभी खुद को संभालू तो कभी खुद को समझाऊं,
क्यों हर दिन और मैं तेरे जैसा होता जाउ,
ख्याल तेरा जब भी आए,
न जाने क्यों मैं फिर सो ना पाउं,
कभी खुद को रोकू तो कभी दिल को समझाऊं !
If he would love me like the ocean loved it’s wave,
I would forever be those highest waves.
But, he choose to stay at shore.