Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।
Kade kise di bewasi da mzak Na udao dosto,
Je zindagi mauka dewe ta ohi zindagi dhokha vi dindi hai🙌
ਕਦੇ ਕਿਸੇ ਦੀ ਬੇਵਸੀ ਦਾ ਮਜ਼ਾਕ ਨਾ ਉਡਾਓ ਦੋਸਤੋ,
ਜੇ ਜਿੰਦਗੀ ਮੌਕਾ ਦੇਵੇ ਤਾਂ ਉਹੀ ਜਿੰਦਗੀ ਧੋਖਾ ਵੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ🙌