Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
Tanhai ch hasaunda e te mehfil ch rawa reha e
Dekh tera ishq methon ki kra reha e…!!
ਤਨਹਾਈ ‘ਚ ਹਸਾਉਂਦਾ ਤੇ ਮਹਿਫ਼ਿਲ ‘ਚ ਰਵਾ ਰਿਹਾ ਏ
ਦੇਖ ਤੇਰਾ ਇਸ਼ਕ ਮੈਥੋਂ ਕੀ ਕਰਾ ਰਿਹਾ ਏ..!!
बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️