What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
Roj c takde jihnu
sahmne auna band kar rakheyaa e
jyaada tang na kare
phone v band kar rakeyaa e
milna milauna taa door e
mere bina khaana v band kar rakeyaa e
soch ke rauna aunda
ajh kal ohne bolna blauna band kar rakeyaa e
ਰੋਜ਼ ਸੀ ਤੱਕਦੇ ਜਿਹਨੂੰ
ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਜਿਆਦਾ ਤੰਗ ਨਾ ਕਰੇ
ਫੋਨ ਵੀ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਮਿਲਣਾ ਮਿਲਾਉਣਾ ਤਾਂ ਦੂਰ ਏ
ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਖਾਣਾ ਵੀ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਸੋਚ ਕੇ ਰੌਣਾ ਆਉਂਦਾ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਉਹਨੇ ਬੋਲਣਾ
ਬਲਾਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ