
Dilaan de rishte kade nahi tutde
kujh lokaan te kujh thawan naal
jiwe ke ajh v turde turde dise mainu tera parchhawan naal

Dilaan de rishte kade nahi tutde
kujh lokaan te kujh thawan naal
jiwe ke ajh v turde turde dise mainu tera parchhawan naal
आज तू कही नहीं है ,
फिर भी नेरे हर ख्याल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे दिल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी आँखों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी यादों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी रग रग में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे रोम रोम में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी हर चेहरे में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी धड़कनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी सांसो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे सपनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मुझमे इस कदर समाया है तू
जिस कदर रात में अँधेरा
Ek puraani kitab me uski tasveer sambhale hui hu
wo aayega mujhse milne ye vehm aajh bhi paale hu
एक पुरानी किताब में उसकी तस्वीर संभाले हुई हूं।
वो आएगा मुझसे मिलने ये वहम आज भी पाले हुई हूं।।💯🥀