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Hindi Shayari

All times best Hindi shayari and Hindi Quotes will be displayed on this page.

We post daily new sad, love hindi shayari and status on this page. We have large collection of romantic and 2 lines hindi shayari. All the shayaris are displayed on one page so that you can share on facebook and whatsapp with one click.

Mohobat nahi to || hindi shayari

मोहब्बत नही तो मोहब्बत को इंकार करो,

 मैंने कब कहा की तुम भी मुझ पर ऐतबार करो, 

खुदा की कसम नही देखेंगे तुम्हे कभी पलट कर जिंदगी भर, 

मैंने कब कहा की तुम पीछे से मुझ पर वार करो 

Kabhi bta nahi payenge || 2 lines shayari hindi

जितना तुमको चाहा था इतना किसी को न चाहेंगे,
पर अफसोस इस बात का है तुमको बता न पायेंगे…

लखनऊ का मौसम || hindi 2 lines

*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।

*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।

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Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Yaad uski aati hame || sad shayari

याद उसकी आती हमें,

उसे खबर नहीं मगर।

याद उसकी आती हमें, 

वो नसीब में नहीं मगर।

याद उसको करते करते,

मर जायेंगे एक दिन यूंही,

बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए, 

याद उसकी आती हमें,

उसे बता सकते नहीं मगर।

क्या और भी दूजा है हमसा?

बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..

Uski ek muskuraahat || hindi pyar shayari

उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..