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Tere naal changi lagdi a zindagi || love shayari

Tere naal changi lagdi a zindagi, tethon door reha nhi janda
Kuch hai jo mein tenu dasna chahunda, ki kra methon keha nhi janda
Tere naal mohobbat vadhgyi enni, hun seha nhi janda
Ik tera naam hai har pal japda rehnda, duja koi metho leya nhi janda❤🙈

तेरे नाल चंगी लगदी आ जिंदगी, तेथो दूर रिया नी जांदा..
कुछ है जो मै तेनु दसना चौंदा, की करां मेथो कह्या नी जांदा..
तेरे नाल मोहब्बत वदगी इन्नी, हुड़ श्ह्य नी जांदा..
एक तेरा नाम मै हर पल जपदा रेंदा, दूजा कोई मेथो लिया नी जांदा….❤🙈

Title: Tere naal changi lagdi a zindagi || love shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


Maa Peo || Shayari On MAA Peo Punjabi

Ina door baithe hon te v aapa ik dujhe diyaa dukh-takleef padh laine aa
maa eh taa mainu koi khaas hi rishta lagda
me ta ohde lai kujh ni karda par
baapu jado mere lai sabh kujh karda na mainu ta oh farishta lagda
maasi cho maa te chache cho peo har kise nu ni milda
ma peo ohi hunda jehdha ameer howe dil da

ਇਨਾ ਦੂਰ ਬੇਠੇ ਹੋਣ ਤੇ ਵੀ ਆਪਾ ਇਕ ਦੁਜੇ ਦੀਆ ਦੁੱਖਤਕਲੀਫ ਪੜ ਲੇਨੇ
ਮਾਂ ਇਹ ਤਾ ਮੇਨੂੰ ਕੋਈ ਖਾਸ ਹੀ ਰਿਸ਼ਤਾ ਲੱਗਦਾ
ਮੈ ਤਾ ੳਹਦੇ ਲਈ ਕੁਝ ਨੀ ਕਰਦਾ ਪਰ
ਬਾਪੂ ਜਦੋ ਮੇਰੇ ਲਈ ਸਭ ਕੁਝ ਕਰਦਾ ਨਾ ਮੈਨੂੰ ਤਾ ੳਹ ਫਰਿਸ਼ਤਾ  ਲਗਦਾ
ਮਾਸੀ ਚੋ ਮਾਂ ਤੇ ਚਾਚੇ ਚੋ ਪਿੳ ਹਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨੀ ਮਿਲਦਾ
ਮਾਂ ਪਿੳ ੳਹੀ ਹੁੰਦਾ ਜਿਹਡਾ ਅਮੀਰ ਹੋਵੇ ਦਿਲ ਦਾ

Title: Maa Peo || Shayari On MAA Peo Punjabi