Ik tainu aapna kehan lai
saari duniyaa nu baigaana banayea si
ਇੱਕ ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਕਹਿਣ ਲੲੀ
ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਨੂੰ ਬੇਗਾਨਾ ਬਣਾਇਆ ਸੀ
Ik tainu aapna kehan lai
saari duniyaa nu baigaana banayea si
ਇੱਕ ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਕਹਿਣ ਲੲੀ
ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਨੂੰ ਬੇਗਾਨਾ ਬਣਾਇਆ ਸੀ
वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|
Zindgi ki raho me aise chal pada hu,
Na aage dekh paa raha hu , Nahi zindgi ji paa raha hu,
Is qadar kho diya hey khud ko,
Me khudko dekh hi nahi paa raha hu.